भय(व्यक्तिगत)-57
जब भी कभी
मन में कोई भय
बचपन में दिल में बैठ जाता है
बड़े होने तक भी
निकल नहीं पाता
आख़िर क्यों.....!
इसलिये कि उसे निकालने का
प्रयास नहीं किया गया
या इसलिये कि.....
कभी ज़रूरत ही नहीं समझी गई
या फिर...,,
कहीं वह गहरे में दबा हुआ था
जो भी हो.....?
इसे निकालना ही होगा
किसी भी तरह.....
किसी भी प्रयास से
हमेशा के लिये.....
💔💔🖤💔💔
30/10/76
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