तानाशाह(सामाजिक)-63
कुछ लोग
जिन्हें अपने "कुछ"होने का भ्रम
हो जाता है
और जब वे संयोग से
सफलता की
एक-दो सीढ़ियाँ चढ़ जाते हैं
तब वे चाहते हैं कि......
दुनियाँ उन्हीं के अनुसार चले
उन्हीं के सिद्धान्तों को स्वीकार करे
उन्हीं की विचारधारा में विश्वास प्रकट करे
और उनकी हर गतिविधि का अन्धानुगमन करे
यहॉ मनोविज्ञान गवाह है कि.....
कुछ लोग तानाशाह प्रवृति के होते हैं
दुनिया को अपने अनुकूल न बना पाने पर
टूट-टूटकर बिखर-बिखर जाते हैं
और स्वयं अपने जीवन को
तानाशाही बनाकर
मन को सान्त्वना देने का
प्रयास करते हैं
💔💔🖤💔💔
15/1/75
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