दिले शायरी -20
--जब दिल को अपना विश्वास होता है
बीते समय का कुछ ख़याल होता है
कोई कितनी भी धूल उड़ाये
उसका सभी एहसास बेकार होता है
--किसी के कहने से कुछ हो नहीं जाता
बदनाम करने से वो बदनाम हो नहीं जाता
दुनिया को कहने के लिये ही होती है
अच्छा भला भी चँगुल से छूट नहीं पाता
--ग़म के दिन आने पर सब यूँ ही बदल जाते हैं
अपने साये भी कॉटों में बदल जाते हैं
मजबूरियों में मददगार होना तो दूर की बात है
वो नाजायज़ बातें बनाने चले आते हैं
--मॉ का ग़म कोई कम नहीं होता
उस पर दूसरों का कहना कुछ कम नहीं होता
ऐसे दिल को दुखाना भी वही जानता है
जिसको दूसरे के दुख का आभास नहीं होता
@शशिसंजय
3/3/1975
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