नाम तुम्हारा(सामाजिक)-118
नाम तुम्हारा लेकर कुछ तो
बहुत दिखावा करते हैं
पहन प्रभु का चोगा तन पर
मन को काला ही रखते हैं
छल और कपट,झूठऔर धोखा
रग-रग में जिनके छाया है
काम तुम्हारा कितना भी कर लें
दु:ख से ना कोई जुड़ पाया है
देख दु:खी को हँसी उड़ाना
किसी तरह अपमानित करना
सब पर तरह-तरह के दोष लगाना
पहन के चोगा "धर्मात्मा"साबित करना
प्रभु साधक के ये गुण तो नहीं हैं
तुम तो निश्छल बना देते हो
फिर सब क्यों ? ये झूठा दिखावा ?
सबके "जी का जँजाल" बनाते हो ?
👣🙏🏻
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