आज(आध्यात्मिक)-123

आज बुलावा भेजा गुरुवर,दाता आप पधारना

ख़ामियाँ ग़र रह जायें तो,हमको आप मुआफ़ करना

सारी सखियॉ आयेंगी,मिलकर तुम्हें मनाने को

दाता मेरे आ जाना तुम,सबको ख़ुशियाँ देने को

जप-तप-यज्ञ का ज्ञान नहीं,भावों की पूजा करनी है

सबके भाव प्रबल कर देना,हम सबमें श्रध्दा भरनी है

आशीर्वाद मिले हम सबको,हौसला आप ही भरते हैं

आकर आप सँभालेंगे ही,बस ऐसी कामना करते हैं

                            👣🙏🏻


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