मॉ(व्यक्तिगत)-115

पीछे-पीछे दौड़ लगाना

गोदी उठाकर प्यार जताना

ज़िद करने पर डॉट लगाना

बाद में ज़िद पूरी कर देना

बचपन से बड़े हो जाने तक

मॉ की नज़र में बच्चा रहना

बात-बात पर चिन्ता करना

इन्तज़ार में जगते रहना

अपने लिये कुछ भी न माँगना 

बच्चों पर जान निछावर करना

अपनी ख़ुशियाँ भूल-भालकर

सबकी ख़ुशी में ख़ुशी जताना

ऐसी प्यारी होती है मॉ

दूर कहीं से आती है मॉ

शायद भगवन व्यस्त हैं होंगे

इसीलिये भेजी होगी मॉ

          💔💔🖤💔💔

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