ज़िन्दा(सामाजिक)-117

ज़िन्दा हैं जब तक अमन-चैन रहना चाहिये

दूसरों से क्या ग़िला ख़ुद को सँवरना चाहिये

प्यार की नीयत हमेशा पास रखनी चाहिये

नफ़रतों के ढेर से ख़ुद दूर रहना चाहिये

मन में जहॉ ख़ुशी न हो जाना वहॉ ना चाहिये

दु:ख पड़ने पर दुश्मन के घर पर भी जाना चाहिये

कितना भी कोई बात बनाये दिल पर न लेनाचाहिये

गुरु से सँबल पाकर ख़ुद की मस्ती में रहना चाहिये

                                  👣🙏🏻


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