तप-बल(आध्यात्मिक)-122

तप-बल आपका शक्ति आपकी

पल-पल पर हम पाते जाते हैं

तभी तो इधर-उधर न भटक कर

दूर अकेले ही चल पड़ते हैं

साथ भी सबका मिल ही जाये

होता ऐसा कई बार नहीं 

सबकी अपनी इच्छाये हैं

उन पर किसी का ज़ोर नहीं 

चिट्ठी आपकी पढ़ देते हैं

जब कोई दुखियारा आ जाता है

दिल में बिठाकर तुमकौ अपने

सँदेश तुम्हारा ही पढ़ा जाता है

चलता रहेगा जब तक ये जीवन 

तब तक कुछ भी कराते रहना

सॉसें जब रुक जायें काया की

अपने हाथों में लेकर के जाना

                  👣🙏🏻

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