युग बदलने की(आध्यात्मिक)-107
युग बदलने की राह अाज दिखने लगी है
गूँज क्रान्ति की अब सुनाई देने लगी है
--शान्ति से बढ़ाते रहे बालकों को आप भी
सदबुध्दि की प्रार्थना में जुट गये हैं सभी
हाथो में हाथ लेके चलना सबको सिखाते रहे
सामूहिक साधना करने का प्रभाव बतलाते रहे
छोड़ी जो चिंगारी उजियारा बनने लगी है
गूँज क्रान्ति की अब सुनाई देने लगी है
--समानता का भाव सबके दिलो में उतार दिया
जाति-पॉति भेद-भाव सब दूर तक मिटा दिया
सभी सन्तानों को कर्म से ब्राह्मण बना दिया
नारी सदी आने का उद्घोष भी करा दिया
नारियॉ अब क्रान्ति गीत गाने लगी हैं
गूँज क्रान्ति की अब सुनाई देने लगी है
--युवा नर-नारी सब आगे-आगे बढ़ चले
अँधियारे को चीरकर प्रकाश फैलाते चले
प्रौढ़ जन आस-पास प्यार बॉटते चले
बच्चे-बुज़ुर्गों को अपने साथ ले चले
हिलोरें आज प्यार की उमड़ने लगी हैं
गूँज क्रान्ति की अब सुनाई देने लगी है
👣🙏🏻
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