चारों ओर(सामाजिक)-129

चारों ओर अँधेरा सा घिरने लगा है

सूर्य का उजियारा उसे छॉटने लगा है

रूढ़िगत परम्परायें अब टूटने लगी हैं

लोगों में जागरूकता अब बढ़ने लगी है

युवा पीढ़ी भी आगे-आगे बढ़ने लगी है

दहेज की लोलुपता भी कुछ घटने लगी है

आयेगा सतयुग और रामराज्य भी आयेगा

नारियॉ भी बच्चों को सँस्कार देने में लगी है

                             👣🙏🏻



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