दिले शायरी-26
--आते रहा करो मुस्कुराते हुये से कभी-कभी
तुम्हें देखकर मेरा दिल भी खिलखिला उठता है
--तुमसे जुड़कर ही जाना पायी हूँ ख़ुद को
वर्ना भीड़ में दुनिया की कहीं खो गई थी मैं
--भीतर से बाहर आने में टृैफिक भी जाम नहीं होता
फिर भी न आने के कितने बहाने बनाया करते हो
--अपने साये में ही रहने दे दूर न अब भेज कहीं
तेरे साये में छुपकर रहना अच्छा लगता है मुझको
--तेरी रहमतों ने कुछ ऐसा नवाज़ा है मुझको
अब और क्या मैं माँगू दुआ आज तुमसे !!
@शशिसंजय
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