प्रेम की सीढ़ी(आध्यात्मिक)-149
प्रेम की सीढ़ी चढ़ ना पाये
बाक़ी सारे काम कर लिये
इसीलिये तो बाहर-भीतर
थोड़ा-थोड़ा ग़म कर लिये
प्रेम का प्याला जब-जब पीया
ख़ुशी से थोड़ा झूमा किये
तेरे साथ में रहकर प्यारे
ख़ुशी का प्याला पिये गये
दिन भर जागे रहे यहॉ पर
रात भी जागे बिता दिये
तेरा साथ ना छूटे कभी भी
यही सोच के जागा किये
तेरा सत्संग तेरी सँगत और
रात जागरण किया किये
तभी तो तेरे प्रेम में प्यारे
सारे ही पागल हुआ किये
👣🙏🏻
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