तन-मन और(आध्यात्मिक)-262
तन-मन और सब करम सुधारे,
कैसे किया तुमने गुरुदेव ।
मॉ और बाप के लाड़ में बच्चे,
अक्सर बिगड़ा करते गुरुदेव ।
तुमने बहुत चढ़ाया है तो,
मॉ ने भी ऑंख दिखाई है।
मॉ ने गले लगाया अगर,
तो तुमने भी ख़ूब सराहा है ।
दोनों मिलकर प्यार जताते,
मन विकास करते गुरुदेव ।
प्यार-प्यार में होती धुलाई,
जान न हम पाते गुरुदेव ।
इतना बड़ा अभियान तुम्हारा,
फिर भी तुम ना थकते हो ।
हर बच्चे के सिर पर अपना,
हाथ सदा तुम रखते हो ।
फिर भी हम बच्चे कभी भी,
ज़िद कर जाते छोटी-बड़ी ।
बच्चों की ज़िद के आगे भी,
झुक जाते तुम दोनों भी ।
हर ज़िद तुम ना पूरी करते,
जो उचित वो ही देते।
इसीलिये बच्चे भी तुम्हारे,
स्वअनुशासन में रहते।
दुनिया के हर बच्चे तुमसे,
जुड़े रहें हरदम गुरुदेव ।
ताकि रहे ना कोई अछूता,
प्यार तुम्हारे से गुरुदेव ।
.........कृपा से वंचित ना गुरुदेव ।
👣🙏🏻
28/1/18
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