आज बसन्त(आध्यात्मिक)-272
आज बसन्त आया है गुरुवर,
दादा गुरु से प्रथम मिलन ।
ऐसे ही हम सबके दिलों में,
नवसँचार करे ये मिलन ।
ख़ुशियों का,उल्लास का,
उत्साह का हो नवजीवन ।
शक्ति आपकी,प्यार आपका,
शरणागत हो ये जीवन ।
आपके स्नेह की बूँदें हम पर,
रँग अपना छिड़काती रहें ।
आये बसन्त सबके जीवन में,
ऐसा उल्लास जगाती रहें ।
जो पथ आपने दिया चलने को,
उस पर हम बढ़ते ही रहें ।
नयी कोपलें,नव पत्तों को,
साथ में हम लेकर के चलें ।
इतनी अभिलाषा,तनिक सी इच्छा,
आप ही पूरी कर सकते ।
हर दिन जीवन बसन्त पर्व हो,
शरण में अपनी रख सकते ।
शरणागत सन्तानों को तुम,
नई दिशा देते रहना ।
जोश न ठंडा होने पाये,
नव उत्साह भरे रहना ।
.....अपने सँग लिये रहना ।
........प्यार का हाथ रखे रहना ।
👣🙏🏻
22/1/18
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