दाता तेरा आभामंडल(आध्यात्मिक)-329
दाता तेरा आभा मँडल ,
चारों तरफ़ छाया रहता है ।
किसी और की क्या मैं बोलूँ ,
मुझको तो प्यारा लगता है ।
कवच रूप में तेरी आभा ,
मन को घेरे रहती है ।
ऊपर से नीचे तक प्यारे ,
पूर्ण सुरक्षा देती है ।
तेरे प्रकाश के आगे दाता ,
सब कुछ फीका लगता है ।
मेरा मुरझाया सा बाल मन ,
इसके आगे खिल उठता है ।
सारा जहॉ है रोशन इससे ,
कहीं नहीं अँधियारा है ।
जो भी रहा अछूता इससे ,
दीये तले अँधेरा है ।
सब भक्तों को रोशन रखना ,
अपने इस उजियारे से ,
मेरे दाता झोलियाँ भरना ,
जो आ जायें तेरे व्दारे पै ।
......शरणागत तेरे चरणों में ।
...... हो सजदा जिनका चरणों में ।
👣🙏🏻
6/12/17
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