आंखन देखी(सामाजिक)-211
बहू-बहू है, बेटी-बेटी,
ऐसा लोग कहा करते ।
बहुओं से झोली भरती है,
ऐसा क्यूँ न कहा करते ।
"मेरी बेटी मेरा अभिमान" ,
ये फ्रेम जिन्होंने बनाया है ।
उनसे मेरा नम्र निवेदन ,
बहू भी घर की माया है ।
दाता ने बेटी जैसी ही ,
दीं प्यारी-प्यारी दो बहुयें ।
उन्हें साथ में ले मैंने भी ,
फ़्रेम में डाली हैं तस्वीरें ।
कृपया बहू का भी फ़्रेम बनाकर,
फ़ोटो साथ खिचायें सब ।
ताकि बहू भी गर्व कर सके ,
सासू ही मेरी मॉ है बस ।
बहू पर फ़्रेम बना हो तो ,
हमें भी आप बता देना ।
त्रुटि अगर हो गई हो हमसे ,
कृपया आप क्षमा करना ।
👣🙏
15/1/18
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