आंखन देखी(आध्यात्मिक)-209
गुरूदेव तुम्हारी माया का ना,
पार किसी ने पाया है ।
सब कुछ करता मैं ही तो हूँ,
इस भ्रम ने ख़ूब सताया है ।
तुम क्या-क्या नहीं कराते हो,
और भ्रम में भी भरमाते हो ।
बड़े-बड़े अल्फ़ाजों के क्या...?
शब्दकोश(Dictionary)खुलवाते हो ।
करना हो कहीं पर यज्ञ-हवन,
तो बैठना पड़ता घन्टों भर ।
बिस्तर से उठकर रोगी भी,
सब सँस्कार करवाते हैं ।
ना जाने कहॉ से ढूँढ-ढूँढ कर,
सन्तानों को लेकर आते हो ।
अपनी ही लक्ष्मण रेखा में ,
फिर प्यार से उनको बिठाते हो ।
जो रेखा तुमने खींची है,
वो बहुत ग़ज़ब की सुहानी है ।
अन्दर में आते ही उसके,
सब हो जाते फिर ज्ञानी हैं ।
मुझको कुछ भी न समझ आता,
और ना ही तुम समझाते हो ।
बस प्यार-प्यार का गीत सुनाकर,
मुझको तुम भरमाते हो ।
........मुझको तुम लाड़ लड़ाते हो ।
...... बड़े प्यार से बुद्धू बनाते हो ।
👣🙏🏻
23/1/18
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