ऑखिन देखी(आध्यात्मिक)-195

एक बहन जिसने बचपन से

भगवान को अपना भाई माना था

पड़ोसन ने उससे पूछा

आज तो भाईदौज है 

तेरा भी भाई आयेगा न ?

सुनते ही उदास होकर बोली

भाई तो ताक़त होता है बहन की

भाई छोटा हो या बड़ा जान होता है बहन की

भाई जब दुखी होता है....

बहन की रुलाई फूट पड़ती है

भगवान से वो पीहर की ख़ुशियाँ ही मॉगती है

और भी बहुत सी बातें हैं 

भाई-बहन के प्यार की,लेकिन...

अब ख़ून के रिश्तों से ज़्यादा 

मुँहबोले रिश्ते ज़्यादा अहमियत रखते हैं

मॉ-बाप से तो बेटों को रुपया और

जायदाद मिलती है या ज़बरन छीन ली जाती है

बहन के पास क्या है देने को

हॉ ये बात अलग है कि कुछ बेटियाँ भी

मॉ-बाप से अपना हक़ ले लेती हैं

ज़बरन या प्यार से

मैं उनमें से नहीं ....

मेरा भगवान ही मेरा भाई है 

बचपन से अब तक भाई के सारे काम

उसी ने किये हैं 

भाई ज़रूरत पड़ने पर कभी नहीं आया

पीहर मॉ-बाप के सामने ही होता है...दीदी

हो सकता है आपका भाई आपको

बहुत प्यार करता होगा....

मेरे साथ तो ऐसा कभी हुआ नहीं 

अच्छा चलती हूँ मेरे भाई के लिये 

भोजन तैयार करना है वो आयेगा अभी

पर क्या करूँ वो आपको नहीं दिखेगा

शर्मीला है या पता नहीं क्यों 

                     💔💔🖤💔💔


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