माफ़ करना आ जाये(आध्यात्मिक)-179

किसी के गुनाहों को देखना

किसी का भी हक़ नहीं 

किसी के दोषों को गिनाना

किसी भी सूरत में अच्छा नहीं 

किसी के बारे में निर्णय पर पहुँचना

भला....हमारी क्या है औक़ात 

निर्णय ऊपर वाले पर छोड़ना

हमारे बस के भीतर की है बात

जिनसे दिल दुखा हो.....

उन्हें माफ़ करना भी.....

बहुत बड़ी हिम्मत की है बात

लेकिन....करना होगा माफ़ 

नहीं तो फिर वही नफ़रत की दीवार

अगले जन्मों तक मिलती ही रहेगी

जब भी मिलेंगे अगले जन्मों में 

या तो ऑंखें चुराते हुये

या फिर ऑंखें दिखाते हुये

                   💔💔🖤💔💔

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