दिले शायरी-6
__वो अँधेरी रात मुझे बड़ी सुहानी लगती है
चिराग़ जो जला देते हो दिल में मेरे आकर
__आरज़ू तेरी और ख़्वाब भी तेरे
हमेशा बना रहे सभी कुछ
दिल के अरमानों का क्या
जब पास मेरे दिल ही नहीं
--याद तेरी आती है तो...आती ही चली जाती है
कुछ देर तो मुझको....आराम में रहने दो
--क़िस्से कहानियॉ तो बहुत हैं तुम्हारे
कभी हक़ीक़त की बातें भी तो बताया करो
--रात के अँधेरें में जब सुनसान हो सारा आलम
तड़पना तुम्हारी याद में कुछ सुकून सा दिये जाता है
@शशिसंजय
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