ऑखिन देखी(व्यक्तिगत)-188
साल भर बाद उसने जब देखा
तो दौड़कर पास आया
बार-बार निगाहों से जैसे
पूँछ रहा हो कि कहॉ थीं अब तक
चढ़ने लगा प्यार में ऊपर की ओर
चूमने प्यार करने के लिये
मैं हँसकर प्यार से सिर को
सहलाती रही रोकती रही उसको
इतने में पति चिल्लाये-हटाओ इसको
क्या बेबकूफी है
मैंने कहा....अरे क्यों हटाते हो इसको
कितना वफ़ादार है कि भूला भी नहीं
ये कोई स्ट्रीटडॉग नहीं
कोई रिश्तेदार है पुराना
तभी तो भागा आया है
प्यार करने के लिये
💔💔🖤💔💔
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