जन्मदिन(आध्यात्मिक)-162
सन्तों का संसार यहॉ पर,
सन्तों की यहॉ सन्तानें हैं ।
जन्म जिन्होंने दिया जिन्हें भी,
(गुरुदेव माताजी से आहुति व छुटकी तक)
सब पर सन्त कृपा ही है ।
गीता जयन्ती पर ख़ुद है जन्मी,
रामनवमी पर पुत्र हैं जन्मे,
ऐसी जीजी अन्नपूर्णा हमारी,
जिन्होंने चिन्मय भइया जन्मे ।
रूपचतुर्दशी पर जन्म है जिनका,
ऐसे (भाईसाहब हमारे)पिता है न्यारे ।
मात-पिता दोनों के प्यारे,
चिरँजीव चिन्मय सदा दुलारे ।
महाकाल-महाकाली के वँशज,
जो दुनिया को राह दिखाते हैं ।
सन्तों की वँश परम्परा बढ़ाने,
हर पीढ़ी में सन्त ही आते हैं ।
(चिन्मय भइया के जन्मदिन पर)
👣🙏🏻
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