गुरुदेव प्यार का सागर(आध्यात्मिक)-174
गुरुदेव प्यार का सागर हो तुम,
अब तक प्यार ही बॉटा है ।
शिष्यों के हर कष्ट को तुमने,
अपनी ही ढाल से काटा है ।
---कितना बड़ा काम कर गये,
सदियों तक सब याद रखेंगे ।
लाल मशाल थमा दी उनको,
जो आगे बढ़कर काम करेंगे ।
---नवयुग की नवयोजना तुम्हारी,
कितना आगे पहुँच चुकी है ।
नारी सदी की घोषणा तुम्हारी,
देखो अब चरितार्थ हो चुकी है ।
---तुम दोनों की त्याग-तपस्या,
देखो फलीभूत होने वाली है ।
अब तो पूरी दुनिया गुरुवर,
गायत्रीमय होने वाली है ।
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