भारत माता का भाल(आध्यात्मिक)-19
हम सबको राह दिखाता है ।
जब भी भटकन होती गुरुवर ,
भटकन को दूर हटाता है ।
मॉ ने उँगली थामी थी तब,
तुमने कँधे बिठाया था ।
बहुत दूर तक पहुँचाकर ,
तुमने सँसार दिखाया था ।
कक्षायें सब पार कराईं ,
प्यार का सँबल दे देकर ।
जब-जब मन में पीड़ा आई ,
देवदूत भेजे घर पर ।
"अपनी" का सँबोधन देकर ,
अपनेपन से थाम लिया ।
गुरुमाता ने प्यार से मुझको ,
प्यारा सा यह नाम दिया ।
मुझे ही नहीं तुम सब बच्चों पर,
अपना प्यार लुटाते हो ।
"विचार क्रान्ति अभियान" के ज़रिये ,
पूरी दुनिया घुमाते हो ।
घर से लेकर दुनिया तक में ,
पहुँचेगी जब ये लाल मशाल ।
गर्व से तब-तब ऊँचा होगा ,
सबकी भारत माता का भाल ।
👣🙏🏻
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