आंखन देखी(सामाजिक)-224

कभी-कभी मेरे मन में
ख़याल आता है
नहीं रहेगी जब दुनिया में
एक भी नारी
नहीं रहेगी मॉ की ममता
बहनों का प्यार
बेटियों का दुलार
प्रेमिका की गुहार
पत्नी का कर्कशता
जैसा पुरुष बयॉ करते हैं
तब केवल पुरुषो का भी
कहॉ बचेगा सँसार
क्यों कि
पुरुषों की दुनिया
बसाने के लिये
फिर उसी नारी को
वापस लाना ही होगा
जिसे आज भी हम
कन्या भ्रूण,दहेज,
बदसूरती या अपने
किसी लालच के लिये
अक्सर मार देते हैं
                18/2/18

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