गुरु के चरणों में मां की शरण में(आध्यात्मिक)-231
गुरु के चरणों में,मॉ की शरण में,
जो बालक आ जाता है ।
दोनों का ही कृपा पात्र वो,
सब कुछ करता जाता है ।
उनकी करुणा की अविरल धारा,
शिष्य में जाती रहती है ।
किसी की पीड़ा सहन न होती,
बरबस ही सेवा कराती है ।
दीन-दुखी पतितों को वह,
सेवायें अपनी दिया करता है ।
मॉ के चरण पकड़ करके,
वो शक्ति मॉगा करता है ।
मॉ का ऑचल बच्चों को,
वरदान दिये ही जाता है ।
पतन निवारण की इच्छा को,
वह पूरा किये ही जाता है ।
ऐसी गुरुसत्ता है हमारी,
आशीषें ख़ूब दिया करती है ।
रोते-बिलखते बच्चों को,
वह लाड़-लड़ाया करती है ।
👣🙏🏻
15/2/18
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