मेरे ख्वाबों में आने का(आध्यात्मिक)-245
मेरे ख़्वाबों में आने का,
सिलसिला अब भी जारी है ।
तेरी रहमतों का मिलना,
मुझको अब भी जारी है ।
तुझे भी चैन कहॉ होगा,
अकेले छोड़ गये मुझको ।
तेरे क़दमों को मेरा.....,
चूम लेनाअब भी जारी है ।
ग़म हुआ कुछ भी अगर तो,
दर पै आ दिया करते ।
तेरे आग़ोश में ऑसूँ,
बहाना अब भी जारी है ।
ये हो नहीं सकता कि,
मुझको भूल जाओ तुम ।
मोहब्बत की जलाई आग,
वो जलना अब भी जारी है ।
आग़ाज़-ए-मोहब्बत में कुछ,
अलग ही ग़ुरूर हुआ करता ।
अंजाम-ए-मोहब्बत में फिर से,
तमन्नायें अब भी जारी हैं ।
👣🙏🏻
7/2/18
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