पल-पल में जो राह दिखाये(आध्यात्मिक)-237
पल-पल में जो राह दिखाये,
ऐसी ताक़त तेरी है ।
बिगड़ी बातों को सँभलाये,
ऐसी मुहब्बत तेरी है ।
तुम को कौन सा काम है प्यारे,
दिन भर ध्यान में रहते हो ।
दर पर आने वालों की तुम,
हर पीड़ा को हरते रहते हो ।
सिद्धि विनायक हो तुम प्यारे,
सिद्धि का भंडार हो तुम ।
रिद्धि तुम्हारे आगे-पीछे रहती,
ख़ुशहाली का हार हो तुम ।
केवल एक लँगोटी-कुर्ता,
यही पहनावा तुम्हारा है ।
जेब नहीं कहीं कपड़ों में,
फिर भी भरा भँडारा है ।
मेरे दिल के चैन बता दो,
कैसे और कहॉ हो तुम ।
अपना पता ठिकाना दे दो,
जिससे मिल पायें हम-तुम ।
👣🙏🏻
11/2/18
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