आंखन देखी(सामाजिक)-223
दो दिन पहले कुछ लोगों का,
प्यार का दिन आया था ।
ख़ुशी-ख़ुशी उस दिन कुछ ने क्या.,
पूरी दुनिया ने इसे मनाया था ।
कुछ ने तो तरह-तरह के,
गिफ़्ट लिये और बॉटे थे ।
कुछ ने गुलाब की डँडियॉ देकर,
चुने अपने लिये कॉटे थे ।
बाप-बेटे,मॉ-बेटी,सास-बहू,
ननद-भाभी और यार-दोस्तों ।
क्यूँ न सभी में रोज़ प्यार हो,
हर दिन ही वैलेण्टाइन डे हो ।
सब ख़ुश हों सब-सबके लिये,
क्या ऐसा दिन भी आयेगा ।
वैमनस्य आपस का सबसे,
दूर-दूर कहीं वह खो जायेगा ।
ऐसा भी तो हो सकता है rose नहीं,
Rose की पंखुड़ियों को सुखाकर रखें ।
एक चुटकी rose पाउडर,
रोज़ ही हम सबको दिया करें ।
...प्रेम को कुछ इस तरह बढ़ाया करें ।
...आपस में सब मिला करें ।
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👣🙏🏻
16/2/18
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