नशा तुम्हारी याद का(आध्यात्मिक)-198

नशा तुम्हारी याद का

नशा तुम्हारे ध्यान का

नशा तुम्हारे मन्त्र का

नशा तुम्हारे जन्त्र का

नशा तुम्हारी चितवन का

नशा तुम्हारी सूरत का

नशा तुम्हारी लकुटी का

नशा तुम्हारी भृकुटि का

नशा तुम्हारे चरणों का

नशा तुम्हारे कपड़ों का

नशा ये मुझ पर चढ़ा रहे

प्यार तुम्हारा बना रहे

मेरे कन्हैया और क्या मॉगू

क्या-क्या मॉगते मैं क्या जानूँ

                  👣🙏🏻

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