दिले शायरी-7

--ख़ुशबू लिये कोई झोंका

जो आता है हवा का 

ख़बर पहले ही दिये जाते हो

कि आ रहे हो तुम.....!!

--मेरे शफ़ीक़ हो तुम

कोई और कैसे जाने

सब ढूँढते हैं तुमको

जाने कहॉ-कहॉ!!

--महफिलों में तेरी जाना

नागवार गुज़रता है मुझको

तुम साथ होते हो फिर भी

लोग अकेला समझते हैं....!!

--कभी तो आया करो

ख़ुशी में साथ-साथ

ग़मों का बोझ उठाने
हमेशा चले आते हो!!

--तुम्हीं में खो जाना
    फ़ितरत है मेरी
कैसे कहूँ हर वक़्त 
     ख़यालों में क्यूँ रहते हो !!
                          @शशिसंजय 


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