शिव ही गुरु हैं, गुरु ही शिव हैं(आध्यात्मिक)-106

शिव ही गुरु हैं,गुरु ही शिव हैं
इस झँझट में कौन पड़े
सारे झँझट ही जो मिटा दे
सही में शँकर उन्हीं को कहते
जगह-जगह मूरतिया तेरी
सभी तुम्हें नहलाते हैं
श्रद्धा भाव से दूध, गंगाजल,पानी
सब ही तुम्हें चढ़ाते हैं
मेरे शिव तो अलग अनोखे
महाकाल कहलाते हैं
महाकाली के साथ में रहकर
हम सब पर प्यार लुटाते हैं
ऐसी गुरुसत्ता के चरणों को
हम हृदय के भावों से नहलाते हैं
                      शिवरात्रि पर्व
                     13/2/18

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