मेरी एक दोस्त(सामाजिक)-207
मेरी एक दोस्त मुझे
अक्सर ही कहा करती थी
आगे बढ़ना है... तो
दिखावा भी करना सीखो
मतलब से ही सही
संबंध बनाना सीखो
आजकल लोगों को
दिखावा ही अच्छा लगता है
सीधे-सादे रहना
किसी को भी नहीं सुहाता है
थोड़ा गिट-पिट किया करो
थोड़ा शो-शे बाजी भी दिखाया करो
तीस साल पहले की सलाह को मैं
आज भी न समझ पाई हूँ
वो....अब हमारे साथ नहीं
लेकिन ग़र देखती होंगी मुझको
तो सोचती ज़रूर होंगीं
कि मैं आज तक भी
बदल न सकी ख़ुद को
जैसी थी वैसे ही रह पाई हूँ
काश उनकी सलाह समझ पाती
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