प्यार का कोई एक दिन(सामाजिक)-302

प्यार का कोई
एक दिन नहीं होता।
भावनायें ही प्यार की
अभिव्यक्ति होती हैं।
जब चाहे नोंक झोंक,
जब चाहे प्यार करो।
संघर्ष कितने भी आयें,
एक दूसरे का साथ दो।
दोनों ही थामकर
एक दूसरे का दामन।
जिन्दगी की राहों को
, बेझिझक पार करो।
प्यार तो जिन्दगी की
अच्छी सच्चाई है।
केवल एक को नहीं,
प्यार तुम सबको करो।
दिल अपने पास रखो,
दुआ सबकी करो।
जो हो तुम्हारे दिल के पास,
वही सबसे प्यारा है।
वही एक अपना है,
बाकी सब अपने हैं।
किसके दिल की बात कहूॅ
, सभी दिल के टुकड़े हैं।
रोज की ही नोंक झोंक,
रोज का ही प्यार हो।
प्यार से ही कटे जिन्दगी,
प्यार ही संसार हो।
  मेरा प्यार और मेरी मोहब्बत
, आज तुम्हारे सामने है।
लड़-भिड़ कर फ़िर प्यार जताना,
यही अदा अब सामने है।
वर्षों से ये साथ निभाया,
यही साथ अब सामने है।
जैसे भी हो चलते जाना,
यही चाल अब सामने है।
साथ चले और साथ निभाया,
तभी तुम्हारे सामने हैं।
तुम सब भी ऐसै ही चलना,
यही दिशा अब सामने है।
           
                        ................... 14/2/15
                         
                                  वेलेंटाइन डे

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