हर पल मेरा याद में बीते(आध्यात्मिक)-291

हर पल मेरा याद में बीते,
ऐसा कुछ कर दो दाता।
पल भर को भी ध्यान न टूटे,
चमत्कार कर दो दाता।
याद न छूटे भाव न टूटे,
मन में लौ बस लगी रहे।
आपके प्यारे चरणों में बस,
आपकी दासी पड़ी रहे।
लगी रहे ये लगन आपमें,
चिर स्थाई कर देना।
आप मनोहर मनहर मेरे,
मन को मेरे हर लेना।
धन और काया, सारी माया,
सभी आपमें भरमाया।
आप जहॉ हों मन में - तन में,
दौड़ के ये सब कुछ आया।
जिम्मेदारी प्रबल आपकी,
अनगढ़ को जीवन देना।
जैसी भी हूॅ शरण में हूॅ बस,
अपनी ही रहने देना।
ये घर (शरीर) मंजर (क्रियाकलाप) सब कुछ तेरा,
जैसे चाहो रह लेना।
घर है खंडहर, मन है चंचल,
जो भी हो थामे रहना।
                   - - - - - - - - - - - - - 7/3/09

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