प्यारी प्यारी सबकी बाई(व्यक्तिगत)-316
प्यारी - प्यारी सबकी बाई,
मेरी प्यारी अच्छी मॉ।
धैर्यशील, गंभीर - धीर तुम,
सबसे सुन्दर मेरी माँ।
--बोझिल ऑखें, थकती बाहें,
चूल्हे पर लगतीं रहतीं।
सब बच्चों की भूख मिटाने,
पिसती रहती मेरी माँ।
मेरी प्यारी अच्छी मॉ.......
जो भी आता दु:खड़ा गाता,
भारी मन हल्का कर जाता।
सबकी प्यास बुझाती मॉ,
आगे बढ़ती जाती मॉ।
मेरी प्यारी अच्छी मॉ........
देना - देना जिसको आता,
लेने में संकोची वो।
सबको प्यार लुटाती मॉ,
सबको गले लगाती मॉ।
मेरी प्यारी अच्छी............
थक कर चूर - चूर हो जाती,
फ़िर भी ममता रही लुटाती।
लाखों बच्चों पर न्यौछावर,
मेरी बस इकलौती मॉ।
मेरी प्यारी अच्छी मॉ..........
मॉ तेरे नालायक बच्चे,
तेरे जैसे ना हैं अच्छे।
फ़िर भी कभी ना डॉट पिलाती,
कैसी तू देवी है मॉ।
मेरी प्यारी अच्छी मॉ.....
मॉ तू हमसे दूर न होना,
ऑखों से ओझल मत होना।
दिल दिमाग में रची बसी बस,
तेरी सुन्दर सूरत मॉ।
मेरी प्यारी अच्छी मॉ........
................. 16/6/04
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