ओ मेरा मस्त फ़कीरा(आध्यात्मिक)-275
ओ मेरा मस्त फ़कीरा, ओ मेरा मस्त फ़कीरा।
तेरे ग़म में कहॉ - कहॉ घूमे, ढॅूढा डेरा - डेरा।
मौला मस्त फ़कीरा, ओ दाता मस्त फ़कीरा।
-गलियॉ ढूॅढी, चौबारे ढॅूढे, सारे हमने रस्ते ढूॅढे।
तू ना पायां, तू ना मिलियां, खोजा मैं थक हारा।
मेरा मस्त - - - - - -
-मन्दिर ढॅूढे, मस्जिद ढॅूढे, गिरजाघर, गुरुद्वारे ढॅूढे।
तू ना मिलियां तू ना पाया, खोजा मैं जग सारा।
मेरा मस्त - - - - - -
-रोते - रोते रातें काटीं, दिन भी सूने - सूने।
तेरे बिना ये मन ना लागे, क्या करेंगे जीके।
मेरा मस्त - - - - - -
-महीनों बीते, सालों बीते, उमर पचासी (50)बीते।
अब तो टूटी मेरी आशा, पीछे पड़ी निराशा।
मेरा मस्त - - - - - - -
सूने दिल में जल गई बाती, मिलन की जब आई राती।
मैने तुझको दिल में पाया, दिन था गंगा दशहरा (17/6/05)।
मेरा मस्त - - - - - - -
दाता के दिल में ही रहना, भाता अब मुझको है।
दाता मेरे दिल में रहकर, देते मुझको सहारा।
मेरा मस्त - - - - - - -
- - - - - - 20/8/05
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