जिसने तुमको(व्यक्तिगत)-298
जिसने तुमको गर्भ में पाला,
खुशियों की सौगात दी।
आज नहीं वो बीच तुम्हारे,
जिसकी तुम ही जान थीं।
--सब रचना, संगीत उसी का,
सारी खुशियां आज उसी की।
चाहत उसकी प्यारी बेटी,
बहू बने किसी अच्छे घर की।
--सपने सारे सच करके वो,
ऊपर से सब देख रही है।
आओ नमन करें उस मॉ को,
आसपास वो घूम रही है।
--हम सबकी श्रद्धाजॅली क्या है,
छोड़े काम को पूरा करना।
आज यदि हम ना कर पाए,
अपराधी हम होंगे वरना।
--पूरी शक्ति, भाव संवेदना,
सब कुछ हम न्यौछावर कर दें।
हम सबकी प्यारी बिटिया को,
मिलकर आज विदा कर दें।
--बेटी तुम भी मॉ के जैसी,
मेहनतशील बनी रहना।
मॉ की आत्मा दु:खी रहे बस,
ऐसा कोई काम न करना।
--जिसने सारी जान झोंक दी,
तुमको घर - वर देने में।
उस मॉ के अच्छे चरित्र को,
ढाल सको तुम जीवन में।
--यही दुआ बस यही कामना,
करती हूॅ मैं गुरुवर से।
जहां भी जाओ खुशहाली हो,
प्यार करो तुम घर में सबसे।
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