होली खेलत दाता(आध्यात्मिक)-349
होली खेलत मेरे दाता,
मेरे संग होली खेलें मेरे दाता।
--मुख पै अबीर गुलाल लगायो,
दाढ़ी मूॅछन पै रगड़ायो।
हॅसत रहे मेरे दाता,
मेरे संग होली खेलें मेरे दाता।
होली खेलत..............
--पीले लाल फूल बरसाये,
मन ही मन हम सब हर्षाये।
फूलों से ढक गये दाता,
मेरे संग होली खेलें मेरे दाता।
होली खेलत...............
--इतर गुलाल मैने ख़ूब लगायो,
सब मिल फूल ख़ूब बरसायो।
सुन्दर लगें मेरे दाता,
मेरे संग होली खेलें मेरे दाता।
होली खेलत................
23 /3/16
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें