बचपन में(व्यक्तिगत)-306
बचपन में जिसको सॅभाले यूॅ रखा,
अपने कलेजे में बसा के यूॅ रखा।
उसी लाड़ले को अलग होते मुझसे,
न जाने ये पल मेरे गुजरेंगे कैसे।
--कमी हर समय मुझको खलती रहेगी,
मेरी हर श्वॉस दुआ करती रहेगी।
जहॉ भी रहो खुश रहो प्यारे बेटे,
सभी का भला हो तुम्हारी नज़र से।
--बुरे पल न आयें जिन्दगी में तुम्हारी,
दाता की कृपा बरसे, जिन्दगी में तुम्हारी।
तरक्की करो और आगे बढ़ो, बढ़ते रहो,
साथ सबको ही लेकर यूॅ चलते रहो।
--जैसे शिवजी की बारात में थे सभी,
, आने वाले समय से है आशा बॅधी।
दाता भर - भर के झोली यूॅ देंगे तुझे,
खुले हाथों से तुम भी देना उन्हें।
- - जो मॉगोगे उनसे मिलेगा सभी,
अपने दिल को भटकने न देना कभी।
बस यही दुआ और यही कामना है,
कभी बुरे दिन न आयें यही चाहना है।
सनी के बाहर जाने के समय 21/12/09
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