दिले शायरी-13
-- निगाहें, मुस्कुराहट सब कुछ तो तेरा जुदा - जुदा।
तभी तो तुझको कहते हैं, "या रब" - "या ख़ुदा" !!
-- कुछ ऐसी कशिश है तुझमें, जो हर जगह मिलती
नहीं
वर्ना तो हम गुनहगारों को, यहॉ पनाह मिलती नहीं!!
--तेरी रहगुज़र में सॅवर जाये ये जिन्दगी,
और क्या ख्वाब देखूॅ, तेरे साथ जीने के !!
-- न दुआ चाहिए, न दवा चाहिए, "या ख़ुदा मुझको
पनाह चाहिए।
ये सब तो दे दे जिसे चाहिए, इस दिल को तेरा दरद
चाहिए!!
-- बख्शीशें इनायतें" ऐ खुदा ", जो मागें अता कर देना,
मुझे तो सिर्फ मेरे दाता, तहे दिल में जगह दे देना !!
@शशिसंजय
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