अमृतवाणी-73/74/75
अमृतवाणी
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मित्रो,मुसीबतों का जीवन कुछ बिगाड़ नहीं सकता है
आदमी की ज़िन्दगी में से मुसीबत निकल जाये तो,
उसका जीवन दो कौड़ी का होता है।आदमी की ज़िन्दगी में इसके कारण ही निखार आता है, उसका
विकास होता है।महापुरुष,सन्त इसी कारण से महान बने हैं, बढ़े हैं।अगर इन्सान अपने लिये मुसीबत न उठायेगा तो दूसरों के लिये वह क्या कर सकता है ? हमने भी ऐसी मुसीबतें उठाई हैं।
परमपूज्य गुरुदेव
(पन्डित श्रीराम शर्मा आचार्य)
अमृतवाणी
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मित्रों ! ऐसी मुसीबत का ही नाम तप है जो हर इंसान के विकास के लिये आवश्यक है।आप इसके लिये घबड़ायें नहीं, उसे बुलायें।इसके द्वारा आदमी में पैनापन आता है,आदमी में निखार आता है।यह
आदमी को सोने का बनाती है।आदमी को प्रामाणिक बनाती है । विश्वामित्र पर गायत्री आईं
तो उन्हें मुसीबतों से गला-तपाकर महान बना दिया।
परमपूज्य गुरुदेव
(पन्डित श्रीराम शर्मा आचार्य)
अमृतवाणी
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अगले दिनों इंसान के अंदर एक दिव्य हलचल होंगी
कुरीतियाँ मिटेंगी,अनीति समाप्त होगी।सभी धर्म एवं
संस्कृतियॉ एक हो जायेंगी।धरती पर स्वर्ग का
अवतरण होगा।ज़माना एक हो जायेगा।भगवान एक
हो जायेगा।आज तरह-तरह की वेशभूषा पहने विभिन्न भाषाओं को बोलते हुये लोग दिखाई पड़ते हैं।अगले दिनों ऐसा मालूम पड़ता है कि से सब चीज़ें समाप्त होने वाली हैं।आचार,संस्कृति,भाषा सब एक हो जायेंगे।सारे के सारे धर्म,राष्ट्,संस्कृति
एक होने वाली हैं,अगले दिनों विशाल परिवर्तन होने
वाला है।
परमपूज्य गुरुदेव
(पन्डित श्रीराम शर्मा आचार्य)
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