अमृतवाणी-79/80/81
जअमृतवाणी
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इस समय आप लोगों को कुछ विशेष काम करने हैं
आप सब लोग लोभ,मोह की बेड़ियों को काट डालिये।अरे ये हथकड़ियाँ आपके हाथों में लगी हैं,
उसे काटिये।ढेरों की ढेरों अकल,समय हर आदमी
के पास है।आपने अभी तक इसे बेकार में ख़र्च किया है तथा बर्बाद किया है।अब आप समझदार आदमी बन जायें तथा इसका उपयोग अब आप सही ढंग से करना सीखें।आप कम में गुज़ारा करना
सीखिये।औसत भारतीय का जीवन जीना सीखिये
ताकि कुछ राष्ट् एवं समाज के लिये भी ख़र्च कर
सकें।
परमपूज्य गुरुदेव
(पन्डित श्रीराम शर्मा आचार्य)
अमृतवाणी
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आप अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने का प्रयास
करें।आपका बच्चा लुहार,बढ़ई हो जाये तो कोई
हर्ज की बात नहीं है।अगर आप बड़े आदमी जैसे
वक़ील,दरोग़ा,डॉक्टर,इंजीनियर न बनाकर संस्कार
वान बनायें तो बेहतर है।ये बड़े आदमी आपके लिये
अपने लिये,समाज के लिये समस्या बन जायेंगे तथा
तबाही लायेंगे।आप उन्हें संस्कारवान बनायें।आप
अपने विचारों में अगर परिवर्तन कर सकें तो बहुत
मज़ा आयेगा।
परमपूज्य गुरुदेव
(पन्डित श्रीराम शर्मा आचार्य)
अमृतवाणी
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आज हम आप सबों से कहना चाहते हैं कि आप सब
लोग मोह,लोभ की अपेक्षा,बेटे,पोतों को देने की
अपेक्षा समाज को,राष्ट् को खिलाना सीखें तो
आपके भी मालदार होने की गुंजाइश होगी।आपसे
प्रार्थना है कि आप स्वयं खाने की अपेक्षा खिलाना
सीखें।आप कहते हैं कि हम खायेंगे तो पहलवान हो
जायेंगे।हम कहते हैं कि आप खाने से पहलवान नहीं
हो सकते हैं।आप अगर अकेले खायेंगे तो आप सबों
के पेट में दर्द होगा तथा डायबिटीज होगी।आप विटामिन “ए”खायेंगे,अण्डा खायेंगे तो ही पहलवान
नहीं हो जायेंगे।घास या पत्ते खाने से भी आदमी
ताक़तवर हो सकता है।
परमपूज्य गुरुदेव
(पन्डित श्रीराम शर्मा आचार्य)
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