दिले शायरी-19
मुहब्बत और मौत की पसंद तो देखो यारो
एक को दिल चाहिए और दूसरे को धड़कन!!
मौत से किसकी रिश्तेदारी है
आज मेरी तो कल तेरी बारी है!!
ताल्लुक हो तो रूह का हो,
दिल तो अक्सर एक दूसरे से भर जाया करते हैं!!
हमने पूछा-दीवानगी क्या होती है
वो बोले-दिल तुम्हारा, हुकूमत हमारी!!
मैं शब्दों से खेलती हूँ हैरान होते हैं लोग
करती हूँ हाले दिल बयां तो परेशान होते हैं लोग!!
आदमी अपना दुख तो किसी तरह बर्दाश्त कर लेता है,लेकिन उससे दूसरे का सुख बर्दाश्त नहीं होता है।
आख़िर क्यों ?
शायरी शब्दों की मोहताज नहीं
काफ़िये को मजबूर नहीं
बस ये एक एहसास है, किसी को छूने भर का,
बिना हाथ लगाये!!
अनकहे शब्दों के बोझ से थक जाता हूँ कभी
पता नहीं चुप रहना समझदारी है या मजबूरी!!
सुनो!मेरे शब्दों को इतनी शिद्दत से न पढ़ा करो
कुछ याद रह गया तो हमें भूल नहीं पाओगे!!
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